धन्य है वो क्षण जब आदि कैलाश के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ।जहाँ हर शिला में शिव का वास है, हर हवा के झोंके में दिव्यता है, और हर कदम आत्मा को परम शांति की ओर ले जाता है।
यह केवल एक यात्रा नहीं थी, बल्कि एक आंतरिक संवाद, एक आत्मिक अनुभव था।महादेव की इस अद्भुत नगरी में स्वयं को खोकर ही खुद को पाया।
सचमुच, खुद को भाग्यशाली मानता हूँ कि मुझे इस पवित्र स्थल तक पहुँचने का अवसर मिला।
हर शिवभक्त को जीवन में एक बार इस यात्रा का अनुभव अवश्य करना चाहिए।