महान क्रन्तिकारी मदन लाल ढींगरा की पुण्यतिथि

महान क्रन्तिकारी मदन लाल ढींगरा की पुण्यतिथि पर उनको शत शत नमन।

आज एक महान क्रांतिकारी मदन लाल ढींगरा की पुण्यतिथि है। आईये उनको श्रद्धा सुमन अर्पित करें। इनका जन्म 18 सितम्बर 1883 को अमृतसर के एक संपन्न परिवार में हुआ और उन्होंने क्रांति के शुरुवाती दिनों में लन्दन में कर्ज़न वायली की हत्या कर देश में सनसनी फैला दी। वो 1906 में लन्दन में इंडिया हाउस में श्याम जी कृष्ण वर्मा और वीर सावरकर से जुड़ गए। असल में लन्दन में वो उच्च शिक्षा प्राप्त करने गए थे।

अमृतसर में उनके पिता जी मुख्य सिविल सर्जन थे। उन्होंने मदन लाल को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए लन्दन भेजा ओर वहां वो वीर सावरकर और श्याम जी कृष्ण वर्मा जैसे महान क्रांतिकारियों के संपर्क में आ गए। सावरकर ने ही मदन लाल को “अभिनव भारत” नामक क्रान्तिकारी संस्था का सदस्य बनाया और हथियार चलाने का प्रशिक्षण भी दिया। धींगरा उस समय लन्दन के इंडिया हाउस में ही रह रहे थे जो क्रांतिकारियों को एकजुट करने का मुख्य केंद्र था। एक के बाद एक भारतीय क्रांतिकारियों को फाँसी पर चढ़ाने के कारण इन सभी में भारी आक्रोश था, पर वहीं भारत में मदन लाल ढींगरा के घरवालों को इनकी क्रांतिकारी गतिविधियां रास नही आ रही थी, इनके पिता जी ने बकायदा अख़बार में विज्ञापन दे कर अपना और अपने परिवार का इनसे संबंध विच्छेद कर लिया।

अमृतसर के मुख्य चौराहे पर इस महान क्रांतिकारी की आदम कद प्रतिमा लगाई गई है ताकि आने वाली पीढियां इनसे प्रेरणा ले सकें।

और फिर एक जुलाई 1909 को कर्ज़न वायली इंडियन नेशनल एसोसिएशन के कार्यक्रम में भाग लेने आए तो मदन लाल धींगरा ने पांच गोलियां उनके चेहरे पर दाग दी।

आख़िरकार 17 अगस्त 1909 को लंदन में मदन लाल धींगरा को फाँसी दे दी गयी।

इस महान क्रन्तिकारी को शत शत नमन।

साभार

देशभक्ति के पावन तीर्थ

प्रभात प्रकाशन

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