मेरा ब्लॉग परिचय

भारत दर्शन के नाम पर बचपन से माता पिता जी साथ हरिद्वार और वैष्णो देवी जाने का मौका मिलता रहा, और जब 17 साल की उम्र में रेलवे के वोकेशनल कोर्स (वीसीआरसी) में चयन हो गया तो पहली बार दिल्ली से अकेले निकलने का अवसर मिला तो सबसे पहले अपने मित्र विशाल के गृह नगर आगरा जाने का अवसर प्राप्त हुआ और उसके बाद तो जैसे ईश्वर ने मेरे पैरों में चक्र लगा दिया. 1993 में शुरू हुआ ये सफ़र आज तक अविरल रूप से धारा प्रवाह चल रहा है.
भारत वर्ष के 36 में से 31 राज्यों में जाना किसी सौभाग्य से कम नहीं है. इस बात को सम्पूर्ण विश्व जानता है  की भारत वर्ष की सांस्कृतिक विरासत अनूठी है जहाँ हर राज्य की एक अलग पहचान है. इन्ही राज्यों और अनूठे स्थानों को घुमने के लिए ही मैं निकलता रहता हूँ. उत्तर में लेह लद्दाख, दक्षिण में कन्याकुमारी, पूरब में अरुणाचल प्रदेश और पश्चिम में कच्छ का रण देखने के बाद इसमें कोई संदेह नहीं रह जाता की विश्व में भारत जैसा कोई दूसरा देश भी है.
भाग्यशाली हूँ मैं, जो इस पावन धरा पर मेरा जन्म हुआ,, भारत माँ की गोद में खेलकर जीवन मेरा धन्य हुआ, काश ! कभी चुका पाऊं क़र्ज़ इस धरा का रात दिन ध्यान रहता इसी का.

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